Saturday, June 21, 2014

आजकल हर सुबह पूछते हो तुम मुझसे 
बड़ी थकी थकी सी लगती है आँखें तुम्हारी 
शायद सोई नहीं हो रात भर !

हैरान हु मैं अपनी किस्मत पर, 
खुश हूँ की चलो तुम्हे  ख्याल तो आया मेरा,
या गम करूँ की मेरे तकिये का कोना जो गीला है आज फिर,
तुमने एक बार भी गौर नहीं किया उसपर 

Translation

Every Morning, you ask me
why do my eyes look so tired.

amused at my fate,

I ask Myself
should I rejoice your attention.
or be anguished that, even today you did not notice the moist edges of my pillow

2 comments:

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